भारत मुक्ति मोर्चा: आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की ऐतिहासिक रणनीति
ध्यान रखो, मैं बहुत फंडामेंटल बात बता रहा हूँ। हमारी वजह से आंदोलन जन-आंदोलन बना था और हमारी वजह से जन-आंदोलन बनने की वजह से और हमारा समर्थन लेकर गांधी ने ब्राह्मणों को आजाद करवाया। इससे हम लोगों ने सबक सीखा कि हमारी वजह से अगर ब्राह्मण अंग्रेजों के गुलामी से आजाद हो सकते हैं तो हम लोग ब्राह्मण के गुलामी से आजाद क्यों नहीं हो सकते हैं?
अंग्रेजों की गुलामी राजनीतिक गुलामी थी। ब्राह्मणों की गुलामी केवल मात्र राजनीतिक गुलामी नहीं है। ब्राह्मणों की पहले नंबर की गुलामी मानसिक है। इसलिए हम लोगों को पाँच-पाँच दिन का बौद्धिक सत्र चलाना पड़ रहा है।
यह जो मानसिक रूप से मुक्त करने का जो कार्यक्रम चलाया जा रहा है, यह एक सोची समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है और फिर इससे जो मानसिक रूप से लोग मुक्त होते हैं।
वह लोग फिर आंदोलन करके राजनीतिक रूप से मुक्त होने की तैयारी हमारे समाज के लोगों की कर सकते हैं। यह करना जरूरी है।
यह बात मुझे ऐसा लगा कि आपको प्राथमिकता में यह बताया जाना जरूरी है। इसलिए प्राथमिकता में मैंने यह बात आप लोगों को समझाया। इस बात को ध्यान में रखते हुए हम लोग भारत मुक्ति मोर्चा नाम का संगठन बना रहे हैं।
भारत मुक्ति मोर्चा इज एन ऑर्गेनाइजेशन फॉर एजीटेशन। भारत मुक्ति मोर्चा आंदोलन के लिए बनाया गया संगठन है।
यह आंदोलन से जन-आंदोलन बनाने का मामला है, करोड़ों लोगों को सहभागी कराने का मामला है। भौगोलिक और सोशल नेटवर्किंग से आंदोलन और जन-आंदोलन का निर्माण होगा।
भौगोलिक नेटवर्किंग करो, फिर सोशल नेटवर्किंग करो। भौगोलिक नेटवर्किंग से आंदोलन निर्माण होगा और सोशल नेटवर्किंग से जन-आंदोलन निर्माण होगा।
आपने इसी आह्वान के साथ अपनी बात समाप्त की।

