🔥 मा. वामन मेश्राम साहब के साथ उनके घर जाने का सौभाग्य 🔥
मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मैं मा. वामन मेश्राम साहब के उस घर तक जा सका, जहाँ उनका जन्म हुआ था। यह वही घर है, जो आज उजड़ा हुआ दिखाई देता है, लेकिन यह स्थान मूलनिवासी बहुजनों के लिए एक क्रांति का प्रतीक है।
वामन मेश्राम साहब ने अपने जीवन को मूलनिवासी बहुजन समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज को उनके इतिहास से रूबरू कराकर संपूर्ण आज़ादी के लिए निरंतर संघर्ष और आंदोलन किया।
जब 2015 में पुणे में राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ का राष्ट्रीय अधिवेशन होने वाला था, तब निशा मेडम ने साहब से कहा कि हमारे पुरखों की जमीन का जो हिस्सा है, वह संगठन को दे दीजिए।
इस पर उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के वह भूमि संगठन को समर्पित कर दी। उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति, जीवन, बुद्धि, श्रम, समय, हुनर और पैसा – सब कुछ बहुजन समाज को समर्पित कर दिया।
💥 एक महानायक का संघर्ष 💥
मा. वामन मेश्राम साहब ने कभी अपने लिए एक रुपये की भी संपत्ति नहीं बनाई। उनका पूरा जीवन ब्राह्मणी व्यवस्था को समाप्त कर मूलनिवासी बहुजन समाज को न्याय और अधिकार दिलाने के लिए समर्पित रहा।
आज हम सभी को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहिए।
वामन जी मेश्राम साहब ही अनमोल हैं… बहुजन समाज की प्रेरणा हैं… पूरे भारत पर साहब के विचारों का प्रभाव हैं…हमे गर्व है की हम साहब के बनाये हुये बहुजन समाज के कैडेर हैं…
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