देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत, पत्रकारों के सवालों पर भड़के मंत्री
मध्य प्रदेश के इंदूर शहर को लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का पुरस्कार मिलता रहा है। लेकिन इसी स्वच्छ शहर में दूषित पानी पीने से 2 हजार से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं, जबकि स्थानीय पत्रकारों के अनुसार करीब 14 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
🔴 कैसे दूषित हुआ पानी?
पिछले सप्ताह इंदूर शहर के भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा नदी का ड्रेनेज पानी मुख्य पाइपलाइन में मिल गया, जिससे पूरे इलाके की जलापूर्ति दूषित हो गई। इस पानी को पीने से 100 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
🔴 मृतकों की संख्या पर विरोधाभास
स्थानीय पत्रकारों के अनुसार दूषित पानी पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अब तक प्रशासन ने आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह संख्या 10 से अधिक हो चुकी है।
🔴 महापौर का बयान
पीटीआई के अनुसार, इंदूर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने अतिसार के कारण तीन मौतें दर्ज की हैं, जबकि चार अन्य मरीजों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
🔴 अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर इंदूर नगर निगम के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रभारी उप-अभियंता शुभम श्रीवास्तव को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले और सहायक अभियंता योगेश जोशी को निलंबित किया गया है।
🔴 प्रशासन की सफाई
आईएमसी आयुक्त दिलीप यादव ने बताया कि मुख्य जलापूर्ति लाइन के ऊपर स्थित शौचालय के ड्रेनेज से बड़ा रिसाव हुआ था, जिसे ठीक कर दिया गया है और संबंधित शौचालय को गिरा दिया गया है।
पानी की गुणवत्ता की जांच के बाद ही सप्लाई शुरू की जाएगी। लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 100 से अधिक पानी के टैंकर लगाए गए हैं।
🔴 जांच समिति गठित
इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति के अध्यक्ष आईएएस अधिकारी नवजीवन पनवार होंगे। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक अभियंता प्रदीप निगम और सहयोगी प्राध्यापक शैलेश राय सदस्य होंगे।
🔴 हाईकोर्ट की सख्ती
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 2 जनवरी तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मरीजों को मुफ्त इलाज देने का आदेश भी दिया है।

